
सरकार ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य घोषित किया है। स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि तेज AI विस्तार के बीच भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की क्षमता देने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम का विस्तृत आवेदन ढांचा और समय-सारिणी अलग-अलग मंत्रालयों द्वारा जारी की जानी बाकी हो सकती है, इसलिए केवल आधिकारिक पोर्टल की सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
मौजूदा AI skilling व्यवस्था
Skill India Digital Hub पर Skilling for AI Readiness यानी SOAR कार्यक्रम पहले से उपलब्ध है। इसमें AI जागरूकता, उपयोग, करियर और शिक्षकों से जुड़े self-paced पाठ्यक्रम शामिल हैं। अगस्त 2026 तक पांच लाख से अधिक नामांकन और एक लाख से अधिक प्रमाणन दर्ज किए गए थे। PMKVY 4.0 में भी AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड, सेमीकंडक्टर और ड्रोन जैसे future skills शामिल हैं।
किन कौशलों की जरूरत होगी?
- AI tools का जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग
- डेटा की बुनियादी समझ और spreadsheet कौशल
- समस्या को स्पष्ट निर्देश में बदलने की क्षमता
- output की fact-checking और bias पहचानना
- privacy, copyright और cyber safety की समझ
- क्षेत्र-विशेष ज्ञान, जैसे कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा या विनिर्माण
क्या AI सीखना केवल coding है?
नहीं। मॉडल बनाना और उन्नत इंजीनियरिंग coding मांग सकते हैं, लेकिन AI-assisted काम के लिए विषय ज्ञान, संचार, डेटा व्याख्या और सत्यापन भी उतने ही जरूरी हैं। रोजगार में बढ़त उस व्यक्ति को मिलेगी जो AI output को बिना जांच स्वीकार करने के बजाय उसका सही उपयोग और मूल्यांकन कर सके।
युवाओं को शुल्क मांगने वाली अनधिकृत वेबसाइटों से सावधान रहना चाहिए। आवेदन शुरू होने पर Skill India, संबंधित मंत्रालय या आधिकारिक सरकारी पोर्टल की सूचना देखें।
स्रोत: PM India, Press Information Bureau

















