नैरोबी (केन्या)। भारत–केन्या मीडिया सहयोग को बढ़ावा देने, मीडिया संस्थानों के बीच संवाद और पत्रकारों के संपर्क मजबूत करने की संभावनाओं पर नैरोबी में चर्चा हुई। न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NAI) के महासचिव डॉ. विपिन गौड़ ने भारतीय उच्चायोग में केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वाइका से मुलाकात की।
मुलाकात के संबंध में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बातचीत का केंद्र पत्रकारिता के क्षेत्र में सहयोग, अनुभवों का आदान-प्रदान और मीडिया के जरिए दोनों देशों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना रहा।
भारत–केन्या मीडिया सहयोग में पत्रकारों के संपर्क पर जोर
चर्चा में भारत और केन्या के मीडिया संगठनों के बीच संपर्क मजबूत करने तथा नियमित संवाद की संभावनाओं पर विचार किया गया। बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में पत्रकारों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और दोनों देशों से जुड़े विषयों को बेहतर ढंग से समझने के अवसर देने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, डॉ. गौड़ ने पत्रकारिता के माध्यम से भारत–केन्या मैत्री को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। मीडिया सहयोग को दोनों देशों के लोगों और संस्थानों के बीच जुड़ाव बढ़ाने के एक माध्यम के रूप में चर्चा में रखा गया।
अफ्रीका यात्रा में संस्थागत संवाद की पहल
डॉ. विपिन गौड़ की अफ्रीका यात्रा के दौरान विभिन्न संस्थानों और मीडिया संगठनों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मीडिया संवाद, संस्थागत सहयोग और आपसी समझ के लिए अवसर तलाशना बताया गया है।
नैरोबी की मुलाकात भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है। बातचीत में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर विचार हुआ; उपलब्ध विवरण में किसी औपचारिक समझौते या निश्चित पत्रकार विनिमय कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है।
UNEP और UN-Habitat में भी भारत का प्रतिनिधित्व
भारतीय उच्चायोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डॉ. आदर्श स्वाइका केन्या में भारत के उच्चायुक्त होने के साथ संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और संयुक्त राष्ट्र मानव बस्तियों कार्यक्रम (UN-Habitat) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी हैं।
भारत और केन्या के बीच ऐतिहासिक संबंधों में व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के संपर्क की अहम भूमिका रही है। मीडिया संस्थानों के बीच संवाद इन संबंधों के विभिन्न पहलुओं को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने और एक-दूसरे के समाज को समझने के अवसर बढ़ा सकता है।
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